Abhavi jiv kaun
जैन धर्म के अनुसार "अभावी जीव" वे जीव होते हैं जिनमें मोक्ष या सम्यक्त्व (सही दृष्टि) प्राप्त करने की क्षमता वर्तमान जन्म में नहीं होती है। अर्थात्, चाहे वे कितने भी प्रयास करें, इस जन्म में उन्हें सम्यक्त्व, चारित्र या मोक्ष की प्राप्ति संभव नहीं होती।
अभावी जीवों के लक्षण:
- इनका पुण्य या उपादान (आंतरिक शक्ति) इतना प्रबल नहीं होता कि वे सम्यक्त्व ग्रहण कर सकें।
- ये जीव मोहनीय कर्म के अत्यधिक बंधन के कारण सच्चे धर्म की ओर प्रवृत्त नहीं हो पाते।
- इनके लिए इस जन्म में सम्यग्दर्शन, सम्यक्ज्ञान, अथवा सम्यकचारित्र का उदय नहीं होता।
विपरीत, "भावी जीव" वे होते हैं जिनमें मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होने की संभावना होती है।
सारांश: अभावी जीव वे हैं जिनमें इस जन्म में सम्यग्दर्शन, सम्यक्ज्ञान, अथवा मोक्ष की प्राप्ति की संभावना नहीं होती।