Dharnendra dwara nirmit kausaag स्थान वह तीर्थ
धरणेन्द्र द्वारा निर्मित कौशागार स्थान—यह प्रसंग भगवान महावीर स्वामी के जीवन से जुड़ा हुआ है। जब भगवान महावीर स्वामी कोचिल राज्य के चम्पापुरी (वर्तमान बिहार राज्य में) में उपसर्ग झेल रहे थे, तब चण्डकौशिक नामक सर्प ने उन्हें डस लिया था। इसी समय नागराज धरणेन्द्र और नागकन्या पद्मावती ने प्रकट होकर भगवान की रक्षा हेतु उन पर एक दिव्य कौशागार (छत्र या मंडप) निर्मित किया था।
यह प्रसंग 'चम्पापुरी' (चम्पानगर) से जुड़ा है, जो कि एक प्रसिद्ध जैन तीर्थक्षेत्र है। अतः
धरणेन्द्र द्वारा निर्मित कौशागार स्थान = चम्पापुरी (चम्पानगर) तीर्थ, बिहार
यह स्थान जैन अनुयायियों के लिए अत्यंत पावन और पूज्य है।