तीर्थ रक्षा के लिए 60,000 राजपुत्रों ने प्राण गवाए वह तीर्थ
तीर्थ रक्षा के लिए 60,000 राजपुत्रों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था, वह तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी (पारसनाथ पर्वत) है। यह तीर्थ झारखंड राज्य में स्थित है और जैन धर्म के सबसे पावन और प्रमुख तीर्थों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ अनेक तीर्थंकरों ने निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया था और तीर्थ की रक्षा के लिए 60,000 राजपुत्रों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया।