Dev vandan vidhi
Dev Vandana vidhi (देव-वंदन विधि) Jain धर्म में देव-गुरु-धर्म का सम्मान करने का साधारण क्रम है। नीचे एक सरल, सामान्य विधि दी जा रही है; विवरण क्षेत्र/संप्रदाय के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
मुख्य विचार
- देव = Arihant/Siddha (देव/ज्ञानी गुणस्वरूप) और गुरु/शास्त्र-सम्प्रदाय के इष्ट
- Chaitya-vandan (Chaityavandan vidhi) से मंदिर-उपासना की शुरुआत, फिर सम्मान-प्रणाम, अंत में क्षमाभाव।
- Śvetāmbara और DigambarTraditions में क्रम और चयनित श्लोक थोड़े भिन्न हो सकते हैं, पर मूल भाव एक ही रहता है।
आमतौर पर प्रयुक्त क्रम (सरल outline) 1) तैयारी
- स्वच्छ स्थान, स्वच्छ वस्त्र, शांतचित्त
- बैठने के लिए साफ आसन (पद्मासन/क्रॉस-लेग)
2) नमस्कार/आभाष
- Navkār Mantra (Namokar) का पाठ:
- Logassa (Logassa Ujjuyāre) आदि अन्य प्रणाम पाठ भी शामिल हो सकते हैं।
3) देव-वंदना/चायत्य-वंदन सामग्री
- Chaitya-vandan के भीतर देव-गुरु-धर्म की वंदना के लिए कुछ प्राकृत/संस्कृत श्लोक recite होते हैं:
- Digambar/Śvetāmbara के अनुसार किन-किन श्लोकों को शामिल किया जाए, यह क्षेत्रीय/गच्छीय परंपरा पर निर्भर है।
4) रक्षात्मक/दयाभाव (क्षमा-प्रणाम)
- सब जीवों के लिए क्षमा-प्रार्थना और दया-भाव:
- कई स्थानों पर Logassa, Jivavichar, Khamasamano Sutra आदि भाग भी पढ़े जाते हैं।
5) उपसंहार/समापन
- 기य-निष्ठा: सब धर्मों की मंगलकथा/प्रार्थना
- अंत में शांत Kayotsarga या समाधिस्थ अवस्था (Kāyotsarga) के साथ मोक्ष-भावना
digambar–vs–śvetāmbara के संकेत (संक्षेप)
- Śvetāmbara: Chaityavandan/Dev vandan में जैन मूर्तिपूजक पंरपरा के अनुसार चालें और श्लोक सामान्यतः स्थिर रहते हैं; नमो अरिहंताणं आदि पाठ आम तौर पर पहले आते हैं।
- Digambar: Kayotsarga और Dev–Guru–Shastra vandanाओं में थोड़ा भिन्न क्रम, पर Dev Vandan का उद्देश्य और भाव वही रहते हैं।
संक्षिप्त मूल पाठ के नमूने
- Navkār Mantra (संक्षिप्त,_prakrit/संस्कृत): “Namo Arihantāṇaṁ, Namo Siddhāṇaṁ, Namo Ayariyāṇaṁ, Namo Uvajjhāyāṇaṁ, Namo Loe Savva-sāhuṇāṁ.” arth: आप सभी अरिहंतों/सिद्धों/आचार्यों के चरणों में प्रणाम।
- Logassa Sutra (संक्षिप्त): “Logassa ujjuyāre, dhamma-titthaṁ pavittayaṁ; Arihantāṇaṁ uvajjhāyaṁ, āyariyāṇaṁ ca vandiyā.” arth: देव-गुरु-धर्म की सराहना।
जैनज्ञान डॉट कॉम की संबंधित जानकारी
- Dev Vandana श्लोक और देव-वंदन विधि के संदर्भ, सरल क्रम और अर्थ देखें: देव-वंदन श्लोक; Dev Vandana Vidhi (सीधे पाठ/अर्थ सहित). साथ ही chaityavandan vidhi के बारे में भी overview उपलब्ध है ताकि आप समन्वय कर सकें.
अगर आप चाहें तो मैं आपके गच्छ/प्रदेश के अनुसार बिल्कुल सही Dev Vandana vidhi का चरण-बद्ध पाठ और उनके अर्थ का संपूर्ण क्रम दे दूँ—बस बताइए कि आप Śvetāmbara मurtipūjaka या Digambar परंपरा का पालन करते हैं.