अभिषेक मंदिरजी Me bt Vidhikara aushodhi rupe se
आपके वाक्य से मुझे पूरी बात स्पष्ट नहीं हो रही है, पर Jain धर्म के अनुसार कुछ सामान्य बातें ऐसी हैं:
- अभिषेक (abhishek) का अर्थ ज्यादातर Jain मंदिरों में प्रतिमा/तीर्थंकर की सरल जल-पुष्प-घट (जल, दूध, शर्करा, चंदन आदि) से स्नान कराना होता है। औषधि/औषधीय रूप से अभिषेक करना सामान्य नहीं माना जाता; यह मंदिर-परंपरा और सिद्धांत के अनुसार भिन्न-भिन्न हो सकता है।
- विदिहिका (vidhikāra/ vidhi-kara) या विद्हिकर/विद्हिकरा शब्द पूजक-अचार्य या रीति-रिवाज कराने वाले प्रमुख पण्डित/पुरोहित के लिए प्रयोग होता है। Digambar और Shwetambar संप्रदायों में इन पदों के नाम और कर्तव्य जगह-जगह भिन्न हो सकते हैं, पर दोनों में अभिषेक आदि rituals कराने वाला वही प्रधान अधिकारी माना जाता है।
- अगर किसी खास मंदिर में औषधि रूप से अभिषेक होने की बात है, तो वह संप्रदाय/मंदिर की पारंपरिक रीति के अनुसार हो सकता है। यह व्यक्तिशः मंदिर-कमिटी के अनुसार भिन्न हो सकता है।
यदि आप किसी खास मंदिर का नाम दें या बताएँ कि आप किस संप्रदाय/स्मारक-रिती की बात कर रहे हैं, तो मैं उसी के अनुसार सही प्रचलित रीति ( arth ) और प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर विवरण दे दूँगा।