पवैया कौनसे जैन होते हैं
पवैया नाम से किसी पहचानित जैन संप्रदाय के बारे में सामान्य Jain धारा में स्पष्ट रूप से मान्य सूची में नहीं आता है। आम तौर पर जैन संप्रदाय दो बड़े पक्ष हैं: दीगंबर (Digambara) और श्वेताम्बर (Śvetāmbara), जिनमें उनके भीतर कई उपसंप्रदाय/मठ बनते हैं (जैसे Sthānakavāsī, Terapanth, Mūrti-pūjaka आदि)।
अगर आप किसी खास क्षेत्रीय परंपरा या लोक-प्रचलित नाम की बात कर रहे हैं, तो संभव है वह स्थानीय उप-परंपरा का नाम हो जिसे अलग से पहचाना गया हो। सही उत्तर देने के लिए कृपया अधिक स्पष्ट करें कि Pavaya से आपका आशय कौन सा है (किस क्षेत्र/समुदाय में यह नाम सुना है, या यह किसी ग्रंथ/समारोह से जुड़ा शब्द है आदि)।
संक्षेप में:
- Jain धर्म में Pavaya नाम से किसी मान्य प्रमुख संप्रदाय का दर्जा नहीं मिलता।
- प्रमुख विभाजन: Digambara और Śvetāmbara, और Śvetāmbara के भीतर कई उप-संप्रदाय जैसे Sthānakavāsī, Terapanth आदि होते हैं।
यदि आप चाहें, आप Pavaya के बारे में जो संदर्भ आपने देखा/सुना है उसका छोटा विवरण दे दें, मैं उसी के आधार पर Jain धर्म की शुद्ध और प्रामाणिक दृष्टि से जवाब दूँगा।