Sas ka tana sun kr bahu ne mndir bnaya vo tirth konsa h
यह प्रसंग श्रवणबेलगोला तीर्थ (Shravanabelagola Tirth) से संबंधित है। कथा के अनुसार, चन्द्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में चंद्रगुप्त के मंत्री श्री श्रवण बेलगोला क्षेत्र में साधु बनकर आए थे। एक अन्य प्रसिद्ध कथा के अनुसार 'साँस का ताना सुनकर बहू ने मंदिर बनवाया'—यह प्रसंग श्रवणबेलगोला के गोमटेश्वर (बाहुबली) की प्रतिमा से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि चामुंडराय की माता कल्लाल देवी ने अपनी बहू को ताना मारा कि वह इतना बड़ा दान नहीं कर सकती, जिससे प्रेरित होकर बहू ने गोमटेश्वर जी की विशाल प्रतिमा का निर्माण करवाया।
इसलिए, 'सास का ताना सुनकर बहू ने मंदिर बनवाया' वाली कथा श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) के गोमटेश्वर बाहुबली तीर्थ से संबंधित है।