Hansi shravika ki majak se pasil ne mndir bnaya vo tirth konsa h
हांसी श्राविका की मज़ाक से पाषाण (पत्थर) ने मंदिर बनाया—इस संदर्भ में जो तीर्थ प्रसिद्ध है, वह हनुमान जी का पावन झंझावती तीर्थ (Jhajhoti/Jhansi क्षेत्र) है, जिसे आमतौर पर "पावन झाझा" या "झांझावती तीर्थ" भी कहा जाता है।
किंवदंती के अनुसार, हांसी नामक श्राविका ने मंदिर निर्माण का मज़ाक किया था और उसकी सच्ची श्रद्धा एवं भक्ति से पत्थर अपने-आप जुड़कर सुंदर जिनमंदिर बन गया। यह चमत्कार जैन परंपराओं व लोककथाओं में श्रद्धा और भक्ति की शक्ति का उदाहरण माना जाता है।
यह कथा मुख्य रूप से उत्तर भारत की दिगंबर जैन परंपरा में प्रसिद्ध है।