Stuti to say in derasar
Namokar Mantra (Navkar Mantra) - एंव derasar में सबसे अधिक प्रचलित stuti है।
1) मूल पाठ (संस्कृत/पािजं): Namo Arihantanam Namo Siddhanam Namo Ayariyanam Namo Uvajhayanam Namo Loe Savva Sahunam
2) सरल अर्थ (arth):
- Namo Arihantanam: मैं आरिहंतों को शीश Jhुकाता/नमन करता हूँ—वे जिन्होंने संसार को जीतकर मोक्ष पाया।
- Namo Siddhanam: मैं सिद्धों को नमन करता हूँ—वे जिन्होंने पूर्ण ज्ञान और मुक्त 상태 प्राप्त किया।
- Namo Ayariyanam: मैं आयरियों/आचार्यों को प्रणाम करता हूँ—वे धर्म की सच्ची सीख दिखाते हैं।
- Namo Uvajhayanam: मैं उपाध्यायों को प्रणाम करता हूँ—वे शास्त्रों के वास्तविक पाठ दिखाते हैं।
- Namo Loe Savva Sahunam: मैं सभी मांगल्य/साहुनों को नमन करता हूँ—जिन्होंने संघ को सजाया और मार्गदर्शन किया।
3) इसका 의미 कैसे पढ़ें:
- भक्ति और नम्रता सहित सभी पांच वर्गों (आरहंत, सिद्ध, आयारियान, उपाध्याय, साहु) को प्रणाम करना—यह एक सार्वभौमिक धर्मचेतना और समर्पण का मंत्र है।
- यह स्तुति प्रायः हर दिन derasar में पाठ की जाती है, खासकर प्रार्थना-समय, संकल्प-उपदेश, और प्राण-परिचय के पहले-पहले।
4) Digambar बनाम Shwetambar में भिन्नताएँ:
- मूल विचार वही रहता है: आरहंतों, सिद्धों, आयारियानों, उपाध्यायों, साहुओं को नमन्।
- उच्चारण, क्रम या कुछ संपूर्ण पाठों में सूक्ष्म भिन्नताएं भी मिल सकती हैं, पर धर्मिक केंद्रीय भावना समान रहती है: महान पात्रों को सम्मान और धर्म-मार्ग की प्रशंसा।
5) अगर आप चाहें, मैं:
- आपको भाषा-उच्चारण (हिन्दी/संस्कृत) में पढ़ने लायक सरल ट्रांसलiteration दे दूँ।
- Derasar में पढ़ने के लिए दो-तीन और लोकप्रिय stuti (जैसे Bhaktamar या अन्य) का नाम बताऊँ और उनके छोटे अंश निष्कर्ष सहित दे दूँ।
ध्यान दें: आप चाहें तो मैं खास Digambar या Shwetambar परंपरा के अनुसार पाठों के स्पष्ट संस्करण भी दे दूँ।