jiv ka laksan in hindi
Jiv ka laksan (जिव के लक्षण) — सरल शब्दों में
- जिव (आत्मा) चैतन्य है: यह चेतना का मूल तत्व है और जीव हमेशा जीवित रहता है।
- Jiv ke paaschen guno (4 अनंत गुण):
- आत्मा का लक्ष्य मोक्ष है; कर्मा सेBind होकर जीवन के चक्र से मुक्त होना इसका पूर्ण उद्देश्य है.
धार्मिक परंपराओं के अनुसार (डिगंबर बनाम श्वेताम्बर) इन चारों गुणों की व्याख्या समान मानी जाती है, पर प्रथाओं या उपदेशों में कुछ विवरणों में भिन्नताएं मिल सकती हैं।
नोट:
- अगर आप चाहें, मैं जैन ग्रंथों में इन लक्षणों के संदर्भों के साथ और अधिक स्पष्ट, संक्षिप्त अर्थ भी दे सकता हूँ।