In the favour of western culture in Hindi
यह विषय Jain Dharma के अनुसार इस तरह समझना चाहिए:
- पश्चिमी संस्कृति के कुछ मूल्य सही हो सकते हैं, जैसे शिक्षा-प्रणालि, वैज्ञानिक सोच, व्यक्तिगीय स्वतंत्रता, समानता और बहु-अनुशासन। इनका सम्मान करना चाहिए अगर वे अहिंसा, सत्य, और सहज-संयम के साथ मेल खाते हों।
- परन्तु हर ट्रेंड पर हमें जैन सिद्धांतों के 기준 से मूल्यांकन करना चाहिए। मुख्य चार बाते हैं:
- कुछ पश्चिमी आदतें जो संतुलन में फायदेमंद हो सकती हैं:
- कुछ प्रवृत्तियाँ ध्यान से देखने योग्य हैं:
- सार यह है कि पश्चिमी संस्कृति के अच्छे तत्वों को अपने धर्म-सिद्धांतों के चश्मे से अपनाएं और जो तत्व जैन नैतिकता के विरुद्ध हों, उन्हें त्याग दें या संशोधित करें। शास्त्रों की आचार-विचार से संकेत मिलते हैं कि जीवन सरल, संतुलित और अहिंसापूर्ण होना चाहिए।
यदि आप चाहें, मैं इस विषय को जैन ग्रंथों के अनुरूप छोटे‑छोटे आयात ( arth ) के साथ और भी सरल शब्दों में हिंदी में और स्पष्ट कर सकता/सकती हूँ।