जैन तत्त्वार्थसूत्र अध्याय 7 और सत्र कण्डिका में सुबह भोजन का समय
संक्षेप में उत्तर:
- जैन तत्त्वार्थसूत्र (अध्याय 7, Sutra VII.37) के अनुसार भोजन करने का उपयुक्त समय सूर्योदय के बाद तीन आधे भारतीय घड़ी (ghadi) अथवा सूर्योस्थ होने से पहले होता है। एक ghadi लगभग 24 मिनट के बराबर है, तो यह लगभग सूर्योदय के बाद 1 घंटा 12 मिनट और सूर्यो sunset से पहले का समय माना जाता है. यह नियम दोनों दिगंबर-श्वेताम्बर परंपराओं में मान्य माना जाता है. ( jainworld.com)
जरूरी स्पष्टीकरण:
- अगर आप सुबह के खाने के समय को खास तौर पर जानना चाहते हैं, तो इसे सूर्योदय के ठीक बाद नहीं, बल्कि सूर्योदय के लगभग 1.12 घंटे बाद या सूर्यो sunset से पहले लिया जाना चाहिए।
- दिगंबर एवं श्वेताम्बर परंपराओं में इस समय की धारणा सामान्य रूप से एक जैसी है; कुछ स्थानीय पंचांगों या उप-व्रत-समय के अनुसार छोटा-मोटा भिन्नता हो सकता है, पर मूल सिद्धांत वही है: दिन के भीतर भोजन करें, सूर्यास्त के बाद नहीं; सूर्योदय के बाद कुछ समय बिताने के बाद ही भोजन करें।
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