Ayambil tap shayri in hindi
नीचे Ayambil Tap से जुड़ी कुछ हिंदी Shayari दी जा रही हैं जिन्हें आप अपने जाप, संकल्प और उपवास के दौरान पढ़ सकते हैं:
- Ayambil के दिन मैं नैतिक उजाला बनकर जीयूंगा, अहिंसा के पथ पर चले बिना एक क्षण भी नहीं रुयूंगा।
- भोजन छोटा रहे, मगज में शुद्ध संकल्प रहे; पांच प्रकार के कलुष छोड़कर, इस गर्म रात्रि भी नम्रता उड़े।
- तृप्ति मेरी बाहों में, क्षमा मेरी भाषा बन जाए; जो हानि दी थी किसी को, उसे हर पल मैं माफ कर जाए।
- निर्गुण शून्य नहीं, पर साधना में मीठा एक-एक पल हो; पत्ते, फल-फूल नहीं, सिर्फ पाँच अहिंसात्मक आहार हों।
- आयम्बल का व्रत है तप, मन का दान और शरीर का संयम; भूख से नहीं, मन की लालच से लड़ना है निर्णय।
- मैं जो भी ग्रहण करूँ, वह शुद्ध विचारों से भरा हो; हिंसा के सागर में छोटा-सा तरंग-सा भी नहीं बहा हो।
- विचार शुद्ध, कर्म शुद्ध, हृदय में प्रेम का प्रकाश; इस Ayambil के वर्णन से जीवन बने एक शांतिमय आकाश।
- करें हर क्षण अहिंसा, करें हर क्षण सा-सा सरलता; आयम्बल की इस तपस्या से जगत में मिले सुख-चिंतना।
अगर आप चाहें तो मैं इन पंक्तियों को और सरल या अधिक लयबद्ध टीका-तुक के साथ संशोधित कर सकता हूँ, या किसी खास अवसर के अनुसार शब्दावली बना दूँ।