jayo jayo gautam gandhar stuti
Gautam Gandhar Stuti (Gautam Swami Stuti)
Original text (गौतम स्वामी स्तुति) – यह एक पारंपरिक स्तुति है जिसे गौतम गणधर के गुणगान के लिए पढ़ा जाता है: गौतमगणधरं वन्दे, ज्ञानदर्शनदायकम्। सर्वसंकल्पसंक्लेशं, नाशयित्वा सुखावहम्॥
Transliteration: Gautam ganadharam vande, jñāna-darśana-dayakam. Sarva-sankalpa-sankleṣam, nāśayitvā sukhāvaham.
Meaning (arth) – मैं गौतम गणधर को प्रणाम करता/करती हूँ, जो ज्ञान और दर्शन देता हैं। वे सभी संकल्प संशय-सम्पादन को दूर कर मुझे सुख प्रदान करते हैं।
नोट: Jain संसार में Digambar और Śvetāmbara परंपराओं के अनुसार कुछ शब्द-रूप और विवरण भिन्न रहते हैं, पर मूल उद्देश्य यह है कि महावीर के प्रमुख शिष्य गौतम Swami की महिमा का गुणगान किया जाए और उनके ज्ञान-गुण का स्मरण किया जाए।
Sourcing note (for reference): यह लंबी गौतम Swami स्तुति और उसका अर्थ JainKnowledge से उपलब्ध है, जिसे आप नीचे दिए लिंक पर पढ़ सकते हैं: