Pehalu vrat ma duviham tivihanam no meaning hindi ma
लगता है आपने जो शब्द लिखे हैं, वे प्रचलित जैन व्रत-शास्त्रों में सीधे नहीं मिलते। संभव है यह किसी गलतफहमी/ग़लत उच्चारण से हो गया हो। फिर भी सामान्य रूप से “पहला व्रत” (Pehlu vrat) जैन धर्म में किसे कहते हैं, उसे साफ-साफ Hindi में नीचे दे रहा हूँ।
- पहला व्रत (Mahavrat) क्या है: अहिंसा Parmo Dharmah – यानी सभी जीवों के प्रति विचार, वाणी और कर्म से अहिंसा रखना। यह जैन धर्म के पाँच महाव्रतों में सबसे अंतःस्थ है।
- इसका हिंदी अर्थ: “अहिंसा ही धर्म का परम गुण है।” जिसका मतलब है बिना किसी की जान, शरीर या भावना को भीतर-बाहर चोट पहुँचाए, सत्य, करुणा और सम्यक्चिन्तन के साथ आचरण करना।
- यह अक्सर पाँच महाव्रतों में से पहला महाव्रत माना जाता है और इसे निभाने से जीवों के प्रति निर्दयता नहीं बरती जाती।
अगर आपके द्वारा सुना गया शब्द “duviham tivihanam” किसी खास श्लोक/सूत्र से है, तो कृपया वही शुद्ध पाठ दे दें (या साफ-साफ मौका दें कि वह कौन-सा सूतक/सूत्र है), ताकि मैं उसका सही अर्थ और संदर्भ देकर हिंदी में स्पष्ट अनुवाद दे सकूँ। फिलहाल सामान्य रूप से_First Vow_ का हिंदी अर्थ ऊपर दिया गया है।