Raj aagna se daan dene wala koĥ the
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राज आज्ञा से दान देने वाले को "अनुज्ञात दाता" (अनुज्ञा से दान देने वाला) कहा जाता है। जैन धर्म के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपने गुरु, श्रावक, या किसी बड़े की आज्ञा या परामर्श लेकर दान देता है, तो उसे अनुज्ञात दाता कहा जाता है। ऐसे दान को अधिक पुण्यकारी माना गया है, क्योंकि यह विवेक एवं धर्म-ज्ञान के साथ किया गया कार्य होता है।
जैन ग्रंथों में दान के प्रकारों का विस्तार से वर्णन मिलता है, और राज आज्ञा या गुरुओं की अनुमति से दिया गया दान विशेष महत्व रखता है।