धरणेन्द्र द्वारा निर्मित काउसग्ग धारी प्रतिमा है जहा वह तीर्थ ?
धरणेन्द्र द्वारा निर्मित काउसग्ग धारी प्रतिमा का उल्लेख श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) के गोम्मटेश्वर (Bahubali) प्रतिमा के संदर्भ में मिलता है। जैन परंपरा के अनुसार, जब भगवान बाहुबली काउसग्ग (Kayotsarga) मुद्रा में तपस्या कर रहे थे, तब धरणेन्द्र नागराज ने उनकी रक्षा हेतु अपने फण फैलाकर उन्हें छाया प्रदान की थी। अतः यह तीर्थ श्रवणबेलगोला (Shravanabelagola) है, जहाँ विशाल कायोत्सर्ग मुद्रा में बाहुबली की प्रतिमा स्थित है।