जीव जीता कैसे हैं
संक्षेप में: जीव (जिव) क्या है और वह कैसे जीवित रहता है
- जिव क्या है: जिव आत्मा है—चेतना का अंश, सुख-दुख समझने की सामर्थ्य रखने वाला तत्व। यह अनंत रहते हैं और शरीर मिलने पर ही ज्ञानेन्द्रियाँ, चरित्र, भाव आदि मिलते हैं।
- जीवित रहने का तरीका: जिव की चेतना शरीर के साथ जुड़कर अनुभव करती है. कर्म (पुण्य-पाप) जिव के शरीर-प्राप्ति और जीवन की घटनाओं ko निर्धारित करते हैं. सही आचरण और अहिंसा आदि से कर्म बंधन कम होते हैं और मोक्ष की ओर मार्ग खुलता है।
- जीवन का लक्ष्य: दुखों से मोक्ष पाना—अर्थात जन्म-मारण के चक्र से मुक्त होकर स्थिर ज्ञान-निर्वाण तक पहुँचना।
- छोटे-छोटे बिंदु जो समझना मदद करते हैं:
अगर आप चाहें, मैं जैन धर्म के अनुसार जीव-आत्मा, कर्म principle और मोक्ष पर और सरल तरीके से विस्तार से समझा सकता/सकती हूँ।