सीमंधर स्वामी मोक्ष प्राप्ति
सीमंधर स्वामी वर्तमान समय के एक जीवित तीर्थंकर मान्य हैं। उनका आत्म तत्वज्ञान और मोक्ष-मार्ग जैन धर्म के भीतर महाविदेह क्षेत्र (Mahavideh Kshetra) में रहते हुए माना जाता है। इसकी कुछ मुख्य बातें सरलता से:
- सीमंधर स्वामी महाविदेह क्षेत्र के तीर्थंकर हैं; Bharat (हमारे विश्व) क्षेत्र में अभी मोक्ष का प्रत्यक्ष मार्ग संभव नहीं माना जाता। इसलिए मोक्ष के मार्ग पर सीधे प्रेरणा पाने के लिए भक्त महाविदेह क्षेत्र में उनके साथ व्यवहार/अनुसरण को महत्त्व देते हैं। ( jainknowledge.com)
- इस काल में मोक्ष प्राप्ति के लिए सीमंधर स्वामी के दर्शन-आसन, नाम स्मरण, और उनके मार्ग का अनुसरण महत्त्वपूर्ण माना जाता है; कई जैन संप्रदायों में उनके प्रति भक्तिभाव और स्तवन-पूजा भी प्रचलित हैं। ( jainknowledge.com)
- सीमंधर स्वामी के बारे में जीव-धारणा और शिक्षाओं पर आधारित पाठ कई ग्रंथों/आचार्यों में प्रभावी मानी जाती है; उनका उद्देश्य भव-त्यागपूर्ण मार्ग दिखाना है ताकि जीव मोक्ष के रास्ते पर आगे बढ़ सकें। ( jainknowledge.com)
यदि आप चाहें, मैं सीमंधर स्वामी के बारे में मूल पाठ (संस्कृत/हरिभाषा) से एक छोटा अंश भी दे सकता हूँ और उसका सही अर्थ समझा सकता हूँ। कहीं Digambar और Shwetambar التقليدों के बीच मतभेद हों तो भी उसे स्पष्ट कर दूँगा।