Jain aaye kaha se
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Jain dharma Bharat/भारत में प्राचीन समय से रहा है। इसे "जैन" स्थिरधर्म कहा जाता है और इसके शिखर-गुरु 24 ऋषि-तत्त्व (तीर्थंकर) होते हैं। आधुनिक कल में जो लोग जैन कहते हैं, उनकी उत्पत्ति इस क्षेत्र से मानी जाती है।
संक्षिप्त तथ्य:
- जैन धर्म का_origin_: भारतीय उपमहाद्वीप में जन्मा माना जाता है; इसे जम्बूद्वीप, आदि-लोक से शुरू होकर धीरे-धीरे विशिष्ट तिथंकरों की शिक्षा के रूप में आगे बढ़ा।
- 24वें तीर्थंकर: वर्धमान महावीर (Mahavira) का समय लगभग 6वीं–5वीं ईसा पूर्व माना जाता है। वे जैन धर्म के प्रमुख प्रचारक माने जाते हैं, और उनकी शिक्षाओं को कई जैन संप्रदायों में मान्यता मिलती है।
- मूल सिद्धान्त: अहिंसा (हिंसा से परहेज), अणेकान्तवाद (अनेक दृष्टिकोणों की समझ), अपरिग्रह (अत्यधिक वस्तुओं का अभाव) जैसे आदर्श प्रमुख हैं।
- संप्रदाय भेद: दिगंबर और श्वेताम्बर — दोनों में शिक्षाओं का सार समान है, लेकिन कुछ मान्यताएँ और साधन-रीति में भिन्नताएँ पाई जाती हैं।
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