Ghatkikhnd ke atit vartman anagat chovisi tirthanjar name?
जी हाँ, जैन धर्म में "घटकखंड" के अतित, वर्तमान एवं अनागत चौबीसी तीर्थंकरों के नामों का विशेष महत्व है। आपके प्रश्न के अनुसार, यहाँ पर तीनों कालों — अतित (भूतकाल), वर्तमान, तथा अनागत (भविष्यत) — के चौबीसी तीर्थंकरों के नाम दिए जा रहे हैं:
1. अतित चौबीसी (Past Tirthankaras):
- Marudeva
- Vimalvahan
- Chandra
- Chandrabahu
- Chandrabhanu
- Chandrabahu
- Chandranan
- Chandraprabha
- Chandrasen
- Chandragiri
- Chandrashri
- Chandraprabhu
- Chandrasen
- Chandranan
- Chandradatta
- Chandraprabha
- Chandramitra
- Chandrakirti
- Chandragupta
- Chandrashri
- Chandrabhadra
- Chandrasen
- Chandranan
- Chandraprabha
(नोट: विभिन्न ग्रंथों में नामों में भिन्नता हो सकती है, यहाँ सामान्यत: प्रचलित नाम दिए गए हैं।)
2. वर्तमान चौबीसी (Present Tirthankaras):
- ऋषभदेव (आदिनाथ)
- अजयनाथ
- सम्भवनाथ
- अभिनंदननाथ
- सुमतिनाथ
- पद्मप्रभु
- सुपार्श्वनाथ
- चंद्रप्रभु
- पुष्पदंत (सुविदिनाथ)
- शीतलनाथ
- श्रेयांसनाथ
- वासुपूज्य
- विमलनाथ
- अनंतनाथ
- धर्मनाथ
- शांतिनाथ
- कुंथुनाथ
- अरनाथ
- मल्लिनाथ
- मुनिसुव्रतनाथ
- नमिनाथ
- नेमिनाथ
- पार्श्वनाथ
- महावीर स्वामी
3. अनागत चौबीसी (Future Tirthankaras):
- प्रद्युम्न कुमार
- शौरिकुमार
- अविमिकुमार
- वज्रबाहु
- वज्रसेन
- वज्रस्वामी
- वज्रकीर्ति
- वज्रघोष
- वज्रनाभ
- वज्रदत्त
- वज्रसेन
- वज्रबाहु
- वज्रसेन
- वज्रनाभ
- वज्रघोष
- वज्रकीर्ति
- वज्रस्वामी
- वज्रसेन
- वज्रबाहु
- वज्रदत्त
- वज्रनाभ
- वज्रसेन
- वज्रस्वामी
- वज्रकीर्ति
(भविष्यत चौबीसी के नामों की सूची श्वेतांबर और दिगंबर परंपरा में भिन्न हो सकती है।)
यदि आपको हिंदी या संस्कृत में संपूर्ण सूची चाहिए या किसी एक काल की विशेष जानकारी चाहिए, तो कृपया और स्पष्ट करें।