If I break chouvihar by mistake what shall I do?How shall I take its alochana
अगर आप गलती से चौविहार तोड़ दें, तो उसे ठीक करने के लिए सीधे और सच्चे मन से अलोचना करें (Alochana). नीचे सरल तरीका है:
- तुरंत साफ़ हृदय से स्वीकार करें: “मैंने रात के समय चौविहार तोड़ दिया/दिए, इसके लिए मुझे दुख है और मैं निराश हूँ।”
- पश्चात्ताप करें: अपने कर्मों के परिणाम के बारे में समझें और अपने मन से सचमुच पछतावा जताएं।
- क्षमा और बन्धु-बन्धनों के लिए निवेदन करें: स्वयं से, जीवन के सभी जीवों से और परम पुरुषों (तीर्थंकर/श्रावकों की प्रति) प्रायश्चित के भाव रखें।
- पुनः न दोहराने का संकल्प लें: आज के बाद यह फिर न हो, इसको लेकर स्पष्ट प्रतिज्ञा करें और मन, वचन, कर्म से शुद्ध रहने का संकल्प दोहराएं।
- वैदिक/निर्वाण के मार्ग का पालन बनाए रखें: अगली रात sunset के बाद भोजन-जल से संयम रखें और अगले सूर्योदय तक चौविहार पालन के नियमों का पालन करें। अगर आपकी परंपरा में पानी की अनुमति होती है, तो उसी अनुसार चलें (Digambar और Shwetambar के नियमों में भिन्नताएँ होती हैं, पर अलोचना और पुनः संकल्प का मूल भाव समान रहता है)।
- अलोचना का छोटा-पर-Correct पाठ रखें: आप चाहें तो अपने प्रश्नकर्ता/गुरु के सामने या अपनी आराधना-स्थल पर निम्न जैसे तत्वों के साथ अलोचना लिख कर पढ़ सकते हैं:
जरूरत हो तो कुछ लोग Pachkan (चौविहार-उपवास पचखान) का भी उल्लेख करते हैं—यह व्रत के टूटने की पुष्टि/स्वीकृति के लिए एक स्मरणीय क्रम होता है और अलग-सी चेकलिस्ट बनाकर अलोचना के साथ किया जा सकता है। इस विषय पर Digambar-Shwetambar दोनों ही परंपराओं में थोड़ा-बहुत नियम भिन्न हो सकता है, पर अलोचना और संकल्प दोनों भाग आम तौर पर एक जैसे ही रहते हैं। ( jainknowledge.com)