Shri siddhasen suriji ki nishra me shradhanjali sangh kisne nikala
श्री सिद्धसेन सूरिजी की निश्रा में "श्रद्धांजलि संघ" की स्थापना एवं संचालन का मुख्य श्रेय आचार्य भगवंतों, साधु-साध्वीगणों एवं स्थानीय श्रावक समाज को जाता है। श्री सिद्धसेन सूरिजी स्वयं एक महान जैन आचार्य, तर्कशास्त्र के विद्वान और जैन दर्शन के प्रचारक रहे हैं। प्राचीन काल से लेकर वर्तमान तक, जब भी किसी महान संत या विद्वान का निर्वाण या समाधि होती है, तब उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि सभा या संघ का आयोजन स्थानीय जैन समाज द्वारा किया जाता है।
विशिष्ट रूप से यदि आप किसी ऐतिहासिक "श्रद्धांजलि संघ" की बात कर रहे हैं, जो सिद्धसेन सूरिजी की निश्रा में निकाला गया हो, तो उसके आयोजक उस समय के जैन संघ, श्री संघ के पदाधिकारी, श्रावक-श्राविकाएं एवं साधु-साध्वियों की सहभागिता से होते हैं। सामान्यतः ऐसे आयोजनों का नेतृत्व समाज के वरिष्ठ सदस्य या संघपति करते हैं, किंतु इसमें मुख्य प्रेरणा विद्वान आचार्य या साधु-साध्वी भगवंतों की ही होती है।
यदि आपको किसी विशेष वर्ष या स्थान से संबंधित "श्रद्धांजलि संघ" की जानकारी चाहिए, तो कृपया और विवरण दें, जिससे अधिक सटीक जानकारी दी जा सके।