Jainisam me ear chedan hota hai kya
नहीं. Jainism में क़ान-की या कान कटवाने जैसी कोई प्रथा नहीं है। अहिंसा (हिंसा न करना) और सभी जीवों के प्रति करुणा ही मुख्य है, इसलिए शरीर को नुकसान पहुँचाने की कोई प्रथा समर्थित नहीं है। अगर किसी जगह कुछ खास रीति-रिवाज दिखते हों तो वे व्यक्तिगत मान्यताओं या समुदाय-विशिष्ट रीतिरिवाज हो सकते हैं, पर यह मुख्य Jain सिद्धांत नहीं है।
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