But as per jain panchang 1-tithi all samuday december 18 shows teras 19 chaudas and 20 amavasya
धन्यवाद। आपने जो बात बताई है, वह पंचांग (जैन पंचांग) में कभी-कभी भ्रम पैदा कर सकती है—खासकर जब तिथियाँ “दिन/रात्रि” की सीमा बदलने, या Digambar बनाम Shwetambar पर निर्भर सिद्धांतों से जुड़ी हों।
संभव कारण और स्पष्टता:
- तिथि (tithi) और चंद्रकला के अनुसार एक ही दिन में एक से अधिक तिथियाँ यहाँ-उहाँ दिखाई दे सकती हैं, खासकर जब दिन की शुरुआत (सुबह) और समाप्ति (रात) के बीच चंद्र–सूर्य गणना में फर्क आए।
- Digambar और Shwetambar परंपराओं में कुछ तिथि/दिगंतापन्न संकल्पनाओं में भिन्नता हो सकती है, अतःSame date/समय पर अलग-अलग स्रोतों में टिका-टिप्पणी भिन्न दिख सकती है।
- “1-tithi” (Prathama tithi) के स्थान पर कई बार लोग एक ही दिन में चालित तिथियों (जैसे teras 13th, chaudas 14th, amavasya 15th) के नाम देख लेते हैं—यह अनुमान, प्रमाण और क्षेत्र-विशिष्ट समय-रेखा पर निर्भर हो सकता है।
आपके द्वारा बताये गये स्नैपशॉट के अनुसार December 18 के आसपास teras (13th), chaudas (14th) और amavasya (new moon, 15th) जैसी तिथियाँ भी एक साथ दिख सकती हैं अगर पंचांग के अनुसार उसी दिन के दौरान कुछ अन्य बदलाव (जैसे दिन/रात्रि की गणना) लागू हो रहे हों। वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह ज़रूरी है कि आप यह बताएं:
- आप Digambar या Shwetambar परंपरा मान रहे हैं?
- आप किस क्षेत्र/देश के पंचांग के अनुसार पढ़ रहे हैं (क्योंकि क्षेत्रीय/स्थानीय गणना भिन्न हो सकती है)?
- किस वर्ष के December 18 की बात है (क्योंकि साल-दर-साल तिथि-गणना में बदलाव आ सकता है)?
यदि आप चाहें तो मैं JainKnowledge के सत्यापित पन्नों से वही विषय स्पष्ट करके दूँगा/दूँगी, ताकि पंचांग-समझ साफ-साफ हो सके।