Do gandho ke kitne bhede
मुझे स्पष्ट बताइए कि आप किस संदर्भ में पूछ रहे हैं—जैन शास्त्रों में “गंध” से जुड़े भेदों के बारे में, या किसी नियम/सूत्र के व्यावहारिक अर्थ के बारे में? Jain धर्म के भीतर “गंध” कई जगह अलग-अलग संदर्भों में आता है, और सही उत्तर Digambar/Shwetambar पर भी निर्भर हो सकता है। अगर आप चाहें, मैं जैनज्ञान से सम्बद्ध प्रामाणिक जानकारी/शास्त्र-भाषा के साथ सही अर्थ समझाने की कोशिश करूँगा।