रावण जैनो के तीर्थंकर होंगे
नहीं। जैन धर्म में रवाना (रावण) को तीर्थंकर नहीं माना जाता। इस युग-आवर्तन में कुल 24 तीर्थंकर होते हैं और महावीर इस कालखंड के चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर हैं। कुछ आधुनिक या लोक-लहरियों में रवण को future तीर्थंकर बताने वाले विचार मिलते हैं, लेकिन ये canonical जैन शास्त्रों में नहीं माने जाते। Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं में भी रवण को आगे आने वाला तीर्थंकर नहीं माना गया है।
अगर चाहें तो मैं 24 तीर्थंकरों की सूची और उनके शिक्षणों के बारे में सरल तरीके से बता सकता/सकती हूँ।