तितिक्षा का क्या अर्थ है?
तितिक्षा (तितिक्षा/तितिक्षा धर्म) का अर्थ है धैर्यपूर्वक सहना, शांत मन से कष्ट या कटुातना को सहन करना, और प्रतिक्रिया न दिखाने की मानसिक स्थिरता।
- प्रमुख अर्थ: दुख, कष्ट, अपमान आदि का विवेकपूर्ण, शांत और बिना क्रोध के सहना; सुख में समानता रखना और अश्रद्धा/आकुठ न होना।
- संबंधी विचार: यह क्रमशः संयम और आत्म-नियंत्रण का हिस्सा है। तितिक्षा को अक्सर Forgiveness (क्षमावाणी) या क्षमा-सहिष्णुता से भी जोड़ा जाता है, लेकिन यहाँ खासकर कष्ट-सहिष्णुता/धैर्य पर जोर है।
- व्यवहारिक उदाहरण: अपमान मिलना पर भी क्रोध न करना, कठिन तप या उपवास को स्वेच्छा से और प्रसन्नचित से निभाना, गर्मी-ठंड या भूख-प्यास का बिना शिकायत के सम्यता से सामना करना।
- दो प्रकार के संदर्भ: तितिक्षा को शांति-पूर्वक सहना और संयमित आचरण से जोड़ा जाता है; अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य आदि के साथ Jain आचार-चारित्र के महत्त्वपूर्ण स्तम्भों में से एक मानी जाती है।
संक्षेप में: तितिक्षा वह मानसिक ताकत है जो सुख-दुःख, प्रशंसा-अपमान सब कुछ में समान रूप से स्थित रहते हुए क्रोध, द्वेष या रोष से दूर रहने की कला सिखाती है।