क्षायीक समयक्तव क्या है?
क्षायीक समयक्तव शायद “क्षय-आयत/क्षय-युक्त समय” और “समयिक/समयिक” शब्दों का संयोजन हो सकता है, पर यह Jain दर्शन में मानक पर्याय नहीं लगता। संभव है कि इसे आप जहाँ देखे वहाँ के विशेष संकल्प या पाठ के संदर्भ में देखा गया हो (जैसे क्षय karma के destruction से जुड़ा कोई विशेष अभ्यास, या Samayik के साथ क्षय-प्रेरित पाठ)। Jain धर्म में:
- समयिक (Samayik) एक 48 मिनट का ध्यान-प्रणालिक पाठ है जिसमें आत्मा की शुद्धि और संसार-सर्पदंश से मुक्ति का ध्यान किया جاتا है।
- क्षय (Kshaya) शब्द का सामान्य अर्थ karmas के घटना/नष्ट होना है, जिसे विभिन्न तप, तपस्या या आचरणों के द्वारा प्रेरित माना गया है, पर “क्षायीक समयक्तव” नाम से कोई मानक, सर्वमान्य संकल्प या पाठ मुझे परंपरा-ग्रंथों में दर्ज नहीं लगता।
अगर आप मुझे यह बताएं कि यह शब्द आपने किस ग्रंथ, पाठ या संदर्भ में देखा, मैं उसी संदर्भ के Digambar/Shwetambar परंपरों के अनुरूप स्पष्ट अर्थ, सही शब्द-रूप, और संभव व्याख्या ( arth ) दे दूँगा।