Vardhman me Abhi jo 24 tirthankar hai vo baad me agle 24 tirthankar aane ke pashchyat kahan jayenge
संक्षेप में: इस कल में कुल 24 तिर्थंकर आते हैं; महावीर इनमें से चौंसठ-सा सबसे अंत के 24वां तिर्थंकर हैं। इसके बाद इस आधे-चक्र (आवासर्पिणी) में और कोई नया तिर्थंकर नहीं जन्म लेता। जैसे ही महावीर मोक्ष प्राप्त करते हैं, वे निर्विकल्प होकर Siddha-loka (मुक्त अवस्था) को चले जाते हैं।
अगर भविष्य के किसी अन्य चक्र (utsarpini) में नए तिर्थंकर आएँ, तो वे भी अपने कर्मों के अनुसार जन्म लेते हैं और मोक्ष प्राप्ति पर Siddha-loka ही जाते हैं। मुख्य बात यह है कि वर्तमान चक्र में 24वां तिर्थंकर महावीर के बाद और कोई नया तिर्थंकर नहीं होता; सभी मुक्त होकर Siddha-loka चले जाते हैं।
ध्यान देने योग्य बातें (दरम्यान मतभेद): दिगंबर और श्वेतांबर मार्गों में रसायनार्थ या लोकेश-ज્ઞાન के कुछ शब्दों में भिन्नता हो सकती है, पर अंततः हर मुक्तात्मा Siddha-loka को पहुँचता है।