नवकारसी से पहले तीन नवकार क्यों गिनते हैं
जैन परंपरा में "नवकारसी" पूजा का विशेष महत्व है। नवकारसी का अर्थ है—दिन की पहली आहार क्रिया से पहले नवकार मंत्र का जाप करना। इसके नियम के अनुसार, सूर्योदय के बाद लगभग ४८ मिनट (दो घड़ी) रुककर ही आहार (खाना-पीना) प्रारंभ किया जाता है।
नवकारसी से पहले तीन बार नवकार मंत्र गिनने का प्रचलन मुख्य रूप से मन को पवित्र करने, संयमित करने तथा भगवान, गुरुओं और धर्म के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए है। इसके पीछे मुख्य कारण ये हैं:
- मन की एकाग्रता और शुद्धि: तीन बार नवकार मंत्र का जाप करने से मन एकाग्र होता है और किसी भी सांसारिक वासनाओं या विकारों से मुक्त होकर आत्मा की शुद्धि होती है।
- श्रद्धा और समर्पण: तीन बार नवकार मंत्र गिनना, तीर्थंकर, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु—इन पंच परमेष्ठियों के प्रति आदर और समर्पण का प्रतीक है।
- संस्कार और परंपरा: जैन संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य या अनुष्ठान की शुरुआत नवकार मंत्र से होती है। नवकारसी से पहले तीन बार नवकार मंत्र गिनना भी इसी परंपरा का हिस्सा है।
इसलिए, नवकारसी से पहले तीन नवकार गिनना आत्मशुद्धि, ध्यान और श्रद्धा के भाव को जाग्रत करने के लिए किया जाता है।