can we home temple
हाँ, घर में भी गृह जिनालय (घर derasar) या गहर मंदिर बनाना सामान्य और समर्थ माना जाता है। परिवार अपने निवास स्थान पर निजी आराधना कर सकता है, दैनिक पूजा, प्रशंसा और ध्यान के लिए एक शांत स्थान बना लेता है। इससे नियमित साङ्ख्यिक अभ्यास, नवकार मंत्र आदि की स्मरण भी आसान हो जाती है।
संक्षिप्त मार्गदर्शन (जैन धर्म के अनुसार सरल नियम):
- स्थान: घर के एक साफ, शांत कोने में बनाएं; किचन या बाथरूम से दूर रखें।
- दिशा/स्थापना: पूजन के समय पूर्व या उत्तर की दिशा की तरफ सामना करने का प्रयास करें, पर यदि संभव न हो तो शांत और विनम्र माहौल बनाए रखें।
- क्या रखें: एक साफ प्लेट/ओथर पर मूर्ति/तिथरंकार के चित्र हों, दीपक (घी/तेल), अगरबत्ती/धूप, और सामान्य एक छोटा घंटी। फूल अगर दें तो जीवों को harm न करने वाले हों।
- साधना के अवसर: प्रतिदिन प्रणाम करें, संभव हो तो नवकार मंत्र का स्मरण, दीप जलाएं, शांत वातावरण बनाए रखें।
- व्यवहार: मंदिर के पास शांत, नम्र भाषण रखें; नाश्ते-खाने के लिए उस स्थान का उपयोग न करें; सफाई का खास ध्यान रखें।
- Digambar बनाम Shwetambar: दोनों परंपराओं में घर के गुरूस्थल के रूप में गृह जिनालय मान्य हैं, पर मूर्तियों/पूजा के क्रम या कुछ परंपरागत नुक्ते में हल्की भिन्नताएँ हो सकती हैं। आवश्यकता हो तो मैं विशिष्ट परंपरा के अनुसार बातें स्पष्ट कर सकता हूँ।
अगर आप चाहें, आप नीचे दिए JainKnowledge के पन्नों से और जानकारी देख सकते हैं:
- How to decor Jain temple at home.
- Direction ghar mandir (home temple).
- Shri Munisuvrat Swamiji Gruha Jinalay (उदाहरण गृह जिनालय).
यह अधिक स्पष्ट नियम और आदर्श स्वरूप घर के गृह जिनालय के लिए सहायक होंगे।