Photo of 72 kala
72 kala (कलाओं) का संदर्भ जैन धर्म में आदिनाथ प्रभु से जुड़ा एक शिक्षण है।
- सार ( Arth ): आदिनाथ प्रभु ने पुरुषों के लिए 72 प्रकार की कलाएँ सिखाईं थीं ताकि समाज में व्यवस्थित जीवन चले; इन कलाओं में कृषि, व्यापार, शिल्प, विज्ञान, संगीत, स्थापत्य आदि विविध क्षेत्र आते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार स्त्रियों के लिए 64 कलाओं का भी उल्लेख मिलता है, जो परम्परागत समान/divergence के अनुसार अलग हो सकता है। यह विवरण जैन साहित्य में स्पष्ट रूप से बतला देता है कि कलाओं का उद्देश्य समाज के जीवन को सुचारु बनाना है, नैतिक जीवन के साथ 귀े।
- टिप्पणी (Digambar/Śvetāmbara): परंपरा के भीतर कुछ स्थानों पर विभाजनों में भिन्नता पाई जाती है; सामान्य रूप से यह सहमति है कि पुरुषों के लिए 72 कलाएँ प्रमुख हैं और महिलाओं के लिए 64 कलाओं का उल्लेख मिलता है, पर विवरण स्थान-स्थान पर भिन्न हो सकता है।
- तस्वीर/चित्र के बारे में चाहने पर: तस्वीर/आरेख के माध्यम से यह विषय दिखाने के लिए अलग-अलग कलाकारों ने कई प्रकार के आरेख बनाए हैं; यदि आप चाहें तो आप उसी विषय पर JainKnowledge साइट पर उपलब्ध सामग्री देख सकते हैं।
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