64 kala names in swetamber
यह सवाल Śvetāmbara परंपरा के भीतर 64 कलाओं (kalās) के नामों से जुड़ा है। ध्यान दें कि Rushabhdev (Rishabhanatha) ने 64 कलाओं की बात कही है, लेकिन इन कलाओं के क्रम और कुछ नाम Digambar बनाम Śvetāmbar परंपरा में अलग-अलग सूचीबद्ध होते हैं। नीचे Śvetāmbara परंपरा में आम तौर पर गिनी गई 64 कलाओं में से मानक 50–64 के नाम दिए जा रहे हैं (बाकी 1–49 स्रोतों के अनुसार भिन्न-भिन्न सूचियों में आते हैं)।
- Vastra gopana — वस्त्रों को छिपाने/संरक्षण की कला
- Dyūta-viśeṣa — आश्रम/जुआ-खेल आदि में निपुणता
- Ākarṣa-kṛīḍā — पासे/डाइस जैसी वस्तुओं से खेलना
- Bālaka-kṛīḍanaka — खिलौने बनाना
- Vainayikī vidyā — अनुशासन सिखाने की विद्या
- Vaijayikī vidyā — विजय/युद्ध रणनीति
- Vaitālikī vidyā — संगीत से किसी को जगाना
- Kushalata — विविध कार्यों में चातुरी
- Hasta laghavam — हाथों की फुर्ती/छल-छलावा
- Chitrayoga — सजावट/चित्रण作
- Malya grathana — Garland बनाना
- Manibandh vidya — bracelets बनाने की विद्या
- Sharira madhya — शरीर-संस्कार/सुन्दरता-कार्य
- Chitra shala — चित्रशाला/चित्रशाला-निर्माण
- Vastra rachanam — कपड़ों की डिजाइनिंग
नोट:
- यह सूची Śvetāmbara परंपरा में प्रयुक्त एक सामान्य रूप है; Digambar परंपरा में क्रम और कुछ नाम अलग हो सकते हैं।
- कुल 64 kalās की अवधारणा Rushabhdev द्वारा बतायी गई है, और उसका मुख्य विचार है समाज-जीवन के लिए विविध कलाओं का पारंपरिक अनुशासन देना।
आप चाहें तो इस विषय पर और भी Śvetāmbara बनाम Digambar listings या अन्य स्रोतों की संक्षिप्त तुलना साझा कर दूं। आप नीचे दिए JainKnowledge के इस पन्ने पर भी पढ़ सकते हैं: You can read more here ( jainknowledge.com)