Swapna sastro me kul kitne sapno ko bat kahi he
जैन शास्त्रों के अनुसार, गर्भवती माता (विशेषकर तीर्थंकरों की माता) को कुल 16 स्वप्न (सोलह सपने) आते हैं। ये स्वप्न इस बात के संकेत माने जाते हैं कि उनके गर्भ से कोई महान आत्मा (जैसे तीर्थंकर) का जन्म होने वाला है। इन 16 स्वप्नों का वर्णन जैन आगम ग्रंथों में विस्तार से किया गया है।
ये 16 स्वप्न इस प्रकार हैं:
- हाथी
- बैल
- सिंह (सिंह/शेर)
- लक्ष्मी देवी
- फूलों की माला
- चंद्रमा
- सूर्य
- ध्वज
- कलश
- कमल
- समुद्र
- रत्नों की माला
- अग्नि
- दो मछलियाँ
- सिंहासन
- स्वर्ण कलश (या विमान/रत्नों से भरा कलश)
इन स्वप्नों का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, और जैन समाज में गर्भाधान या जन्मोत्सव के अवसर पर इनका उल्लेख किया जाता है।