माता की आवाज से कौनसे मुनि जगे?
जैन धर्म के अनुसार, भगवान महावीर स्वामी जी के जीवन में यह प्रसंग आता है कि वे दीक्षा लेने के बाद गहन साधना में लीन थे। उस समय उनकी माता त्रिशला देवी की आवाज (स्मरण) के माध्यम से भी उन्हें संसारिक भावों की ओर आकर्षित होने का प्रसंग आता है, लेकिन वे अपनी साधना में दृढ़ रहे।
हालांकि, "माता की आवाज से कौनसे मुनि जगे?" — यह प्रसंग विशेष रूप से भगवान पार्श्वनाथ के जीवन से संबंधित है। कथा अनुसार, एक बार भगवान पार्श्वनाथ गहन ध्यान में लीन थे, तब उनकी माता वामा देवी की पुकार से वे ध्यान से जागे थे। माता ने उनसे भोजन के लिए कहा था, और इस पर उन्होंने ध्यान से उठकर माता की सेवा की थी।
इसलिए, उत्तर है: भगवान पार्श्वनाथ मुनिराज माता की आवाज से जगे थे।