Shantinath Bhagwan Keval Jaan ke pakshat kitne varsh Tak vicharte Rahe
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जैन परम्परा के अनुसार
भगवान शांतिनाथ ने केवलज्ञान प्राप्त होने के बाद लगभग 84,984 वर्ष तक केवलीकाल में विचरण किया – यानी इतने वर्षों तक वे संसार में रहकर समवसरण में देशना देते रहे, अनन्त जीवों का कल्याण करते रहे, और अन्त में सम्मेदशिखर पर्वत पर निर्वाण प्राप्त किया।
इसे ही उनका केवलीकाल या केवलज्ञान के पश्चात् का वचन‑विहार कहा जाता है।
शांतिनाथ भगवान का संक्षिप्त जीवन‑वृतान्त आप यहाँ भी पढ़ सकते हैं