Upashray mein safai karte karte kavi kaun bane?
यह प्रश्न "उपाश्रय में सफाई करते-करते कवि कौन बने?" जैन धर्म के प्रसिद्ध कवि और आचार्य श्री भद्रबाहु स्वामी जी से संबंधित है। ऐसी कथा है कि उपाश्रय (जैन साधुओं का निवास स्थान) में सफाई करते-करते भद्रबाहु स्वामी के शिष्य उपाध्याय श्री सोमप्रभसूरी कवि बने थे। सफाई के दौरान उनके मन में कवित्व शक्ति जागृत हुई और उन्होंने सुंदर काव्य रचनाएँ कीं।
यह कथा जैन संस्कृति में यह संदेश देती है कि सेवा, विनम्रता एवं साधना के कार्य करते हुए भी व्यक्ति में रचनात्मकता व प्रतिभा का प्रस्फुटन हो सकता है।