Prabhu Veer ko gowalia ne jo khile toke the wo kaunse vruksh ke the
यह प्रश्न भगवान महावीर (प्रभु वीर) के जीवन से संबंधित है। जब भगवान महावीर ने दीक्षा ली थी और वे तपस्या में लीन थे, तब उन्हें गोवालिया (ग्वाले) ने छाछ (मठा) या सत्तू आदि अर्पण किया था। किंवदंतियों के अनुसार, यह घटना उनके केवलज्ञान (कैवल्य ज्ञान) प्राप्ति से पूर्व घटित हुई थी।
जहाँ तक वृक्ष का संबंध है, मान्यता है कि भगवान महावीर ने दीक्षा के बाद अनेक वृक्षों के नीचे तपस्या की थी। विशेष रूप से, त्रिवेणु वृक्ष (शाल, पीपल, और बरगद की जड़ें जुड़ी हुई थीं) के नीचे उन्होंने दीर्घकाल तक ध्यान किया था। गोवालिया द्वारा जो अर्पण किया गया था, वह त्रिवेणु वृक्ष के नीचे ही था।
इसलिए, उत्तर है: गोवालिया ने प्रभु वीर को जो अर्पण (खिले/भोजन) किया था वह त्रिवेणु वृक्ष (शाल, पीपल, बरगद) के नीचे किया था।