Chakarvati k Ratan kitne or kunse hote hai
जैन धर्म के अनुसार, चक्रवर्ती (सम्राट) के पास 14 रत्न (चौदह रत्न) होते हैं। ये रत्न उनके साम्राज्य और ऐश्वर्य के प्रतीक माने जाते हैं। चक्रवर्ती के चौदह रत्न निम्नलिखित हैं:
- चक्ररत्न (विशेष दिव्य चक्र - हथियार)
- एलि रत्न (विशेष हाथी)
- अश्व रत्न (विशेष घोड़ा)
- मणि रत्न (कीमती रत्न)
- स्त्री रत्न (मुख्य रानी)
- गृह रत्न (मुख्य भवन/महल)
- लक्ष्मी रत्न (धन-सम्पदा)
- दास रत्न (सेवक)
- दासी रत्न (सेविका)
- सेनापति रत्न (सेनापति)
- गृहपति रत्न (मुख्य प्रशासक)
- वनिक रत्न (मुख्य व्यापारी)
- लेखक रत्न (मुख्य लेखक/सचिव)
- पुरोहित रत्न (मुख्य पुरोहित)
ये चौदह रत्न चक्रवर्ती राजा के ऐश्वर्य, शक्ति और प्रभुत्व के प्रतीक माने जाते हैं।