एक अभवी का नाम ?
जैन सिद्धान्त के अनुसार “अभाव्य (अभवी) जीव” वह आत्मा है जो कभी भी मोक्ष (मुक्ति) नहीं पा सकेगी – अनन्त काल तक भी नहीं।
आमतौर पर किसी एक खास व्यक्ति (जैसे अमुक राम, श्याम आदि) को शास्त्रों में “ये अभवी हैं” कहकर नाम से नहीं बताया गया है। शास्त्र केवल वर्ग बताते हैं –
- भाव्य जीव – जो कभी न कभी सम्यक दर्शन पाकर मोक्ष मार्ग पर चलेगा।
- अभाव्य जीव – जो सम्यक दर्शन भी नहीं पाएगा, इसलिए मोक्ष भी नहीं।
इसलिए आपके प्रश्न “एक अभवी का नाम?” का उत्तर शास्त्रीय रूप से ऐसे समझना सही है:
- किसी भी ऐसे जीव को, जो स्वभाव से कभी सम्यक दर्शन नहीं पाएगा,
अर्थात – अभवी का कोई खास व्यक्तिगत नाम नहीं दिया गया, ये एक श्रेणी (category) है, न कि किसी एक व्यक्ति का नाम।