Dhaneshvarma.sa. ki murti me kitne shishya seva kar rahe hai
दिगंबर जैन परंपरा के अनुसार, भगवान धनश्वरमहावीर (धनेश्वरवर्मा) की मूर्तियों में प्रायः दो शिष्य सेवा करते हुए दिखाए जाते हैं। ये दोनों शिष्य गौतम गणधर और सुधर्मा स्वामी होते हैं, जो भगवान के प्रमुख गणधर माने जाते हैं। मूर्तियों में वे भगवान के दोनों ओर हाथ जोड़कर या अन्य सेवाकार्य में लगे हुए दिखाए जाते हैं। यह परंपरा जैन मूर्तिकला की विशिष्टता है।
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