Gandhar gautam swami ne 32 shloka chi rachana kekeke stotra?
सामान्य जैन परम्परा के अनुसार गौतम गणधर स्वामी के नाम से जो मुख्य रचना मानी जाती है, वह “लोगस्स सूत्र (Logassa / चतुर्विंशति स्तवन)” और जग-चिन्तामणि सूत्र के प्रारम्भ के दो पद हैं – पूरा ३२ श्लोक वाला कोई प्रसिद्ध स्तोत्र उनके द्वारा रचित नहीं माना जाता।
विशेष रूप से:
- जग‑चिन्तामणि सूत्र के बारे में परम्परा में आता है कि
- इसलिए अगर कोई कहे कि “गौतम स्वामी ने ३२ श्लोक का अमुक स्तोत्र पूरा लिखा है”,
गौतम स्वामी से जुड़े स्तोत्र‑सूत्रों में मुख्य रूप से:
- लोगस्स सूत्र (Logassa / चतुर्विंशति‑स्तवन) – २४ तीर्थंकरों की स्तुति।
- जग‑चिन्तामणि सूत्र के प्रारम्भिक २ श्लोक – आगे के श्लोक बाद के आचार्यों की रचना माने जाते हैं।
जग‑चिन्तामणि सूत्र के बारे में सरल जानकारी यहाँ देख सकते हैं