Samayik lene ki vidhi
नीचे एक बहुत ही सरल “सामायिक लेने की विधि” दी जा रही है, जिसे घर पर भी किया जा सकता है। (यह सामान्य श्वेताम्बर मर्यादा के अनुसार है; दिगम्बर में मूल भाव वही है, पर मंत्र‑क्रम और आसन आदि थोड़े भिन्न हो सकते हैं।)
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1. तैयारी (शुद्धि)
- स्नान/हाथ‑मुँह धोकर साफ, सादे कपड़े पहनें।
- शांत, स्वच्छ स्थान चुनें – फर्श पर आसन लगाकर, सीधा बैठें (सुखासन/पद्मासन/वज्रासन जो भी सहज हो)।
- मन में निश्चय करें – “अब लगभग 48 मिनट तक समभाव में रहकर धर्म‑ध्यान करूँगा/करूँगी।”
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2. प्रारम्भिक नमस्कार
- नवकार मंत्र कम से कम 3 बार शुद्ध भाव से बोलें।
- पंच परमेष्ठी (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु) को भाव‑प्रणाम करें।
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3. सामायिक का संकल्प (पच्छ्खाण)
सामायिक प्रारम्भ करने के लिए संक्षिप्त संकल्प:
- “करेमि भंते! सामायं।”
(यदि आपके घर की परम्परा में पूरा पच्छ्खाण हो तो वैसा ही लें।)
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4. सामायिक के दौरान क्या करें?
सामान्यतः 48 मिनट (दो घड़ी) तक:
- सम्यक आसन
- बिना बहुत हिले‑डुले, सीधी पीठ के साथ शांत बैठें। - बीच‑बीच में थोड़ा बदल सकते हैं, पर जल्दी‑जल्दी हिलना‑डुलना नहीं।
- जाप / पाठ / स्वाध्याय
अपनी परम्परा के अनुसार इनमें से जो संभव हो, वह कीजिए: - नवकार मंत्र का जाप - “क्षमेमि सर्वे जीवाः…” (क्शमापना) - छोटे स्तोत्र / आगम वाचन / तत्त्व चर्चा (स्वाध्याय)
- ध्यान और भavna
- आत्मा की शुद्धता पर ध्यान – “मैं शुद्ध आत्मा हूँ।” - चार भावनाएँ: मैत्री, प्रमोद, करुणा, माध्यस्थ्य का भाव रखें। - सब जीवों के प्रति अहिंसा, क्षमा, मैत्री का भाव रखें।
- मन‑वचन‑काया की सावधानी
सामायिक के समय विशेष ध्यान रखें कि: - झूठ, चुगली, क्रोध‑कषाय के विचार न आएँ। - अनावश्यक बोलचाल, मोबाइल आदि से दूर रहें। - शरीर से कोई हिंसा (किट‑पतंग को मारना आदि) न हो।
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5. सामायिक समाप्त करने की विधि (पारण)
समय पूरा होने पर:
- शांत भाव से भीतर‑ही‑भीतर या उच्चारण करके क्षमापना करें:
“क्षमेमि सर्वे जीवा, सर्वे जीवा खमंतु मे। मित्ति मे सर्व भूएसु, वेरं मेज्ज न किण्णई॥”
अर्थ (सरल): मैं सब जीवों को क्षमा करता/करती हूँ, सब जीव मुझे क्षमा करें। मैं सब जीवों का मित्र हूँ, किसी से वैर नहीं रखता/रखती।
- संक्षिप्त रूप से बोल सकते हैं:
- “सामायं समाप्तं।” - फिर एक बार क्षमापना या “मिच्छामि दुक्कडं” बोलें।
- अंत में फिर से नवकार मंत्र 1–3 बार शुद्ध भाव से जपें।
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6. दिगम्बर और श्वेताम्बर में संक्षिप्त अंतर
- श्वेताम्बर
- दिगम्बर
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7. अतिरिक्त सहायता के लिए
- सामायिक क्या है, इसका महत्व और सरल वर्णन यहाँ देख सकते हैं
- सामायिक में उपयोगी मुख्य मंत्र (नवकार, करेमि भंते, क्षमापना आदि) एक जगह देखने के लिए
यथाशक्ति, नियमित रूप से 48 मिनट की सामायिक करने का प्रयास करें। समय न हो तो भी छोटा रूप लेकर रोज़ अभ्यास बनाए रखें – निरंतरता ही सामायिक की आत्मा है।