Chauraasi gotra list
“चौरासी गोत्र” की एक एक‑जैसी, सब पर लागू होने वाली सूची जैन धर्म में नहीं है।
1. चौरासी गोत्र क्या है?
- “चौरासी गोत्र” / “84 gotra” जैन समाज (खासकर व्यापारी समाजों) में परिवार / कुल की पहचान के लिये चलते हैं।
- इनका मुख्य काम वंश (lineage) पहचानना और गोत्र के भीतर विवाह रोकना होता है, ताकि नज़दीकी रिश्तों में विवाह न हो।
- यह सामाजिक प्रथा है, धार्मिक सिद्धांत (जैसे तत्त्व, गुणस्थान आदि) नहीं।
2. क्यों एक ही लिस्ट नहीं मिलती?
- अलग‑अलग जैन समुदायों में अपनी‑अपनी 84 गोत्र की अलग सूची चली आती है, जैसे:
- हर समाज की इतिहास‑पुस्तकों और वंशावली‑पुस्तकों में गोत्रों के नाम, कभी‑कभी नगर और कुलदेवी के नाम के साथ लिखे होते हैं।
- इस कारण:
इसलिए, “चौरासी गोत्र की लिस्ट” पूछने पर पहले यह जानना ज़रूरी होता है कि आप किस समाज / समुदाय की 84 गोत्र सूची पूछ रहे हैं (जैसे – ओसवाल जैन, पोरवाल, खण्डेलवाल दिगम्बर आदि)। तभी सही‑सही पूरी सूची दी जा सकती है।