23 January Basant panchmi ka Gruh Pravesh ka muhurt hai Gruh Pravesh kaise karenge
जैन दृष्टि से उत्तर दे रहा हूँ।
1. 23 जनवरी / बसंत पंचमी का “मूहूर्त”
जैन धर्म में सबसे बड़ा “मूहूर्त” – शुभ भाव, संयम, अहिंसा और स्वच्छ मन है। तारीख, नक्षत्र, बसंत पंचमी आदि का उतना महत्व नहीं, जितना अपने कर्म और भाव का है।
इसलिए अगर 23 जनवरी को आप आसानी से, बिना परेशानी और झगड़े के, शांति से गृह प्रवेश कर सकते हैं, तो वही आपके लिए शुभ समय है।
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2. गृह प्रवेश से पहले क्या तैयारी करें?
- घर की सफाई व अहिंसा
- घर अच्छी तरह साफ कर लें। - कीड़े–मकौड़े मारने वाले स्प्रे आदि से यथासंभव बचें, अहिंसा रखें।
- नया घर शुरू करने से पहले
- अगर संभव हो तो पहले दिन - कोई हत्या / हिंसा वाला काम न हो - शराब, अंडा, मांस आदि बिल्कुल न लाएँ - कोशिश करें कि कंद-मूल (आलू, प्याज, लहसुन आदि) भी न बनें।
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3. घर में प्रवेश कैसे करें? (जैन रीति से सरल विधि)
- प्रवेश से पहले
- स्नान कर के, साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। - परिवार के सभी सदस्य द्वार पर खड़े होकर णमोकार मंत्र (नवकार मंत्र) का जाप करें – कम से कम 9 या 27 बार।
- स्वस्तिक व मंत्र
- दरवाजे के पास चावल / रोली / हल्दी से छोटा स्वस्तिक बनाएं। - स्वस्तिक पर “ऊँ” या “णमो अरिहंताणं” लिख सकते हैं (यदि परंपरा में हो)।
- जैन मंदिर / जिनप्रतिमा की स्थापना
- अगर घर में छोटा मंदिर रखना है तो: - सबसे पहले जिनप्रतिमा/तस्वीर को घर में आदर से अंदर लाएँ। - जहां मंदिर बनाना है, उसे साफ करके सफेद कपड़ा या चौकी रखें। - प्रतिमा/तस्वीर स्थापित करते समय सब मिलकर नवकार मंत्र बोलें।
- साधारण पूजन / स्तुति
- यदि समय व व्यवस्था हो तो: - छोटा सा स्नात्र पूजा या - केवल दीपक जलाकर, - णमोकार मंत्र, “जय जिनेन्द्र स्तवन”, या कोई जैन स्तुति (जैसे “ऊँ ह्रीं अर्हं नमः”) करें। - यदि आपको पूरी पूजा नहीं आती, तो: - 5–10 मिनट चुपचाप बैठकर भावना करें: - “हे अरिहंत भगवान, इस घर में शांति, सम्यक दर्शन–ज्ञान–चारित्र की वृद्धि हो, हिंसा, झूठ, क्रोध, लोभ से दूर रहें।”
- पाठ / स्वाध्याय
- थोड़ा स्वाध्याय करें: - नवकारसी, जीवन दर्शन की कोई छोटी पुस्तक, 12 भावना, या कम से कम 15–20 मिनट जैन धर्म का विचारपूर्ण पाठ।
- दान और मिठाई
- गृह प्रवेश के दिन यदि संभव हो: - किसी गरीब, जरूरतमंद, गौशाला, पन्थक (भोजनशाला) आदि में दान दें। - घर में सभी को सात्त्विक, जैन नियम के अनुसार बनी मिठाई बाँटें।
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4. किन बातों का ध्यान रखें?
- उस दिन:
- याद रखें:
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इस तरह सरल, अहिंसा और धर्म-भाव से किया गया गृह प्रवेश किसी भी “मूहूर्त” से अधिक श्रेष्ठ माना जाता है।