Jain song sunayen
एक सरल नया जैन भजन सुनिए (मैंने ही बनाया है, किसी ग्रंथ से नहीं है):
1️⃣ हे जिनेश्वर प्रभु, तुमको मेरा बारंबार नमस्कार, अंजनाचल के दीवट जैसे, तुमसे जग हो उजियार।
2️⃣ राग-द्वेष सब छोड़ के, तुमने अपना मन जीता, तुम्हारे चरणों की धूल से, हर जीव को सुख मीठा।
3️⃣ अहिंसा की यह ज्योति लेकर, चलते हैं हम राह, सत्य-अपरिग्रह संग रखकर, मिटता दुख और आह।
4️⃣ सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक हो व्यवहार, तीन रत्न को हृदय में धरकर, पार उतारे पार।
अगर आप चाहें तो मैं
- बच्चों के लिए और भी आसान जैन गीत लिख सकता हूँ, या
- किसी खास विषय पर (अहिंसा, क्षमा, तीर्थंकर आदि) भजन बना सकता हूँ।