Gruh Pravesh ke Shyam Jain bhajan Jain bhajan bataen
Gruh Pravesh (नए घर में प्रवेश) के लिए आप शांत, मंगलमय और जिनेन्द्र भक्ति से भरे जैन भजन रख सकते हैं। “Shyam Jain” नाम के किसी विशेष जैन रचयिता के भजन की आप बात कर रहे हैं तो वह आधुनिक गायक हो सकते हैं, पर मैं परंपरागत जैन भक्ति की ओर से सुझाव दूँगा।
नीचे कुछ सरल और अच्छे जैन भजन/स्तवन के सुझाव हैं जो Gruh Pravesh पर गाए जा सकते हैं:
- नवकार मंत्र – मंगलाचरण के रूप में
- सबसे पहले 3–5 मिनट सभी मिलकर नवकार मंत्र बोलें। - यह हर शुभ कार्य का मूल मंगल है।
- “मंगल मंडिर खोलो”
यह बहुत प्रचलित जैन भजन है, नया घर भी एक छोटा “मंगल मंदिर” माना जा सकता है, इसलिए यह बहुत उपयुक्त रहता है।
- “हे प्रभु तुम्हरे चरण कमल पर, शीश हमारा झुका रहे”
घर में नम्रता, शांति और धर्म बना रहे – ऐसी भावना वाला भजन है, Gruh Pravesh पर अच्छा लगता है।
- “मेरी भावना ऊँची रहे”
यह भजन गृहस्थ जीवन में भी उच्च भावना, अहिंसा, संयम और सत्य को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
- भगवान विशेष भक्ति के लिए:
- महावीर स्वामी भक्ति: “हे प्रभु वीर, तुम ही आधार” जैसे सरल महावीर भजन या कोई भी “Mahavir Swami stavan” - शांतिनाथ प्रभु भक्ति (घर में शांति हेतु): “तू सुमिर सुमिर रे शांतिनाथ सुखदाई रे” – शांति व सुख की भावना के लिए बहुत अच्छा है
- अगर छोटा बच्चा या परिवार मिलकर गाना चाहे तो:
- “जय जय जिनेन्द्र, दाता दयाल” जैसे हल्के, आसान शब्दों वाले भजन चुनें।
सादे तरीके से Gruh Pravesh भक्ति क्रम:
- घर के अंदर प्रवेश से पहले या मंदिर/चौकी के पास:
- 3 बार नवकार मंत्र - 1–2 मिनट “जय जय जिनेन्द्र” जैसी छोटी स्तुति
- अंदर प्रवेश के बाद:
- 1–2 भजन ऊपर में से (जैसे “मंगल मंदिर खोलो”, “मेरी भावना ऊँची रहे”) - अंत में फिर से नवकार मंत्र और “करो मी क्षमा” जैसी छोटी क्षमायाचना।
यदि आप चाहें तो मैं किसी एक भजन के पूरे शब्द सरल रूप में (जितना परंपरागत रूप से प्रचलित है) लिख सकता हूँ, जिसे आप प्रिंट करके या मोबाइल से देख कर गा सकें।