mantra for vasupujyaswami
For Bhagwan Vasupujya Swami, you can respectfully chant:
1) Main Jain mantra (for all Tirthankars) णमो अरिहंताणं । णमो सिद्धाणं । णमो आयरियाणं । णमो उवज्झायाणं । णमो लोए सव्वसाहूणं ।
2) Specific chaityavandan shlok for Vasupujya Swami (often recited in temples):
वसव-वन्दित वासुपूज्य, चम्पापुरी थाम् । वासुपूज्य कुल चन्द्रमा, माता जया नाम् ॥
सरल अर्थ (meaning):
- देवों के राजा इन्द्र (वासव) जिनकी वंदना करते हैं, वे वासुपूज्य भगवान चम्पापुर नगरी में विराजमान हैं।
- वासुपूज्य कुल के चन्द्रमा समान, जिनकी माता का नाम जया था – ऐसे बारहवें तीर्थंकर प्रभु को मैं नमस्कार करता हूँ।
इन पंक्तियों को स्वच्छ मन, अहिंसा और संयम की भावना के साथ जितना हो सके उतनी बार शुद्ध उच्चारण से जप सकते हैं।
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