किस प्रकार के श्रोता सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं?* मिट्टी,चलनी सर्प, डांस भैंसा, जोंक गाय, हंस
सबसे श्रेष्ठ श्रोता – हंस (राजहंस) के जैसे माने जाते हैं।
आपके दिए उदाहरण अलग‑अलग प्रकार के श्रोताओं के प्रतीक हैं – जैसे
- मिट्टी – जो भी पड़े, सब सोख ले, बिना सोचे
- चलनी – सुनकर रखता कुछ नहीं, सब बाहर निकाल देता है
- सर्प – सबमें दोष ही खोजता है
- डांस करता भैंसा – केवल ध्वनि/माहौल से खुश, पर अर्थ नहीं लेता
- जोंक – सिर्फ स्वार्थ, सिर्फ लाभ की बात पकड़ता है
- गाय – थोड़ा सा सार लेती है, पर अभी पूर्ण विवेक नहीं
- हंस – दूध‑पानी में से सिर्फ दूध (सार) ग्रहण करता है, निरर्थक भाग छोड़ देता है
इसी प्रकार धर्म‑उपदेश सुनने वाले श्रोताओं में सबसे उत्तम वे हैं जो हंस जैसे हों – जो जिनवाणी में से
- सार (आत्मकल्याण की बातें, तत्त्व, स्वाध्याय) ग्रहण करें,
- निरर्थक, विवाद, निंदा आदि छोड़ दें,
- सुनकर जीवन में व्यवहार और चारित्र में उतारें।
जैन परंपरा में ऐसे विवेकी, सारग्राही, आचरण‑प्रधान श्रोता श्रेष्ठतम श्रोता माने गए हैं।